Gayatri mantra meaning in hindi | गायत्री मंत्र का अर्थ

Gayatri mantra meaning in hindi | गायत्री मंत्र का अर्थ

gayatri mantra meaning in hindi

गायत्री मंत्र तो आपने जरूर सुना होगा और इसका जाप भी किया होगा लेकिन बहुत कम ही लोगों को इसका अर्थ मालूम होगा अगर आपको भी गायत्री मंत्र का अर्थ – (gayatri mantra meaning in hindi and english) जानना है तो इस पोस्ट को पढ़ कर आप विस्तार से गायत्री मंत्र का अर्थ जान पाएंगे। gayatri mantra lyrics in hindi, हम आपको यह भी जानकारी देंगे की गायत्री मंत्र जाप के फायदे या लाभ क्या क्या होते हैं। gayatri mantra ke fayde / labh

गायत्री मंत्र – gayatri mantra

ॐ भूर् भुवः स्वः।
तत् सवितुर्वरेण्यं।
भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
Om bhoor bhuvah svah
Tat savitur varenyam
bhargo devasya deemahi
dhiyo yo nah prachodayaat

गायत्री मंत्र का अर्थ – gayatri mantra meaning in hindi

हिन्दी में भावार्थ

जिसने इस संसार को बनाया है, जो पूजनीय है, जो ज्ञान का भंडार है, जो पापों तथा अज्ञान को दूर करने वाला हैं-हम ईश्वर की महिमा का ध्यान करते हैं, वह हमें प्रकाश दिखाए और हमें सत्य पथ पर ले जाए।

Meaning in English

The one who created this world, who is worshiped, who is the storehouse of knowledge, who removes sins and ignorance – we meditate on the glory of God, may he show us the light and lead us on the path of truth.

गायत्री मंत्र जाप के लाभ/फायदे

गायत्री मन्त्र में चौबीस अक्षर होते हैं, यह 24 अक्षर चौबीस शक्तियों-सिद्धियों के प्रतीक हैं। इस मंत्र को सभी की मनोकामना पूरी करने वाला माना जाता है ऐसा माना जाता है कि इस मंत्र के उच्चारण और इसे समझने से ईश्वर की प्राप्ति होती है

गायत्री मंत्र के जाप से व्यक्ति का तेज बढ़ता है और मानसिक चिन्ताओं से मुक्ति मिलती है, बौद्धिक क्षमता  और स्मरण शक्ति की वृद्धि होती है और ऐसा माना जाता है की गायत्री मन्त्र का नियमित रुप से सात बार जाप करने से व्यक्ति के आसपास से नकारात्मक शक्तियाँ दूर रहती हैं।

गायत्री मंत्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

गायत्री महामंत्र वेदों का एक महत्त्वपूर्ण मंत्र है गायत्री मंत्र ऋग्वेद के तीसरे मंडल के सातवें सूक्त का 10वां मंत्र है। महर्षि विश्वामित्र इस मंत्र के दृष्टा हैं। शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद में भी इस मंत्र का वर्णन है वास्तव में गायत्री मंत्र यजुर्वेद के मंत्र ‘ऊँ भूर्भुवः स्वः’ और ऋग्वेद के छंद 3.62.10 के मेल से बना है।

Also read…

Mahatma Gandhi quotes in hindi | महात्मा गांधी के विचार

Leave a Comment