वेब 3.0 क्या है? What is Web 3.0 in Hindi

वेब 3.0 क्या है? What is Web 3.0 in Hindi

हाल ही में वेब 3.0 बहुत चर्चा में है इसे इंटरनेट का भविष्य माना जा रहा है आपने भी वेब 3.0 का नाम जरूर सुना होगा लेकिन क्या आप जानते हैं Web 3.0 क्या है? What is Web 3.0 in Hindi, इस पोस्ट मे वेब 3.0 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।

वेब 3.0 के बारे में जानने से पहले यह जानना जरूरी है की वेब क्या है और इसका इतिहास क्या है

World Wide Web (WWW)

वर्ल्ड वाइड वेब (WWW), जिसे आमतौर पर वेब के रूप में जाना जाता है, एक सूचना प्रणाली है जहां दस्तावेजों और अन्य वेब संसाधनों की पहचान यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स लोकेटर (URL, जैसे कि https://www.ziginfo.com) द्वारा की जाती है. अंग्रेजी वैज्ञानिक टिम बर्नर्स-ली ने 1989 में वर्ल्ड वाइड वेब का आविष्कार किया था।

Advertisement

Background

वेब 1.0 और वेब 2.0 वर्ल्ड वाइड वेब के इतिहास में युगों को संदर्भित करते हैं जिसे Generation भी कह सकते हैं वेब 2.0 वेब 1.0 का उन्नत रूप है वेब 1.0 की शुरुआत 1991 में हुई और यह 2004 तक चलन में रहा। वेब 1.0 का स्वरूप सीमित था इसमें वेब से केवल सूचनाओं को देखा जा सकता था और इसका उपयोग काफी सीमित था । web 1.0 में सिर्फ टेक्स्ट फॉर्मैट में आपको इंटरनेट पर जानकारियां मिलती थीं ।

2004 के बाद वेब 2.0 का आगाज हुआ , आज हम World Wide Web (WWW) के जिस रूप का प्रयोग कर रहें है वह वेब 2.0 ही है वेब 2.0 के आने से सोशल मीडिया, ईमेल, ऑनलाइन फॉर्म, ब्लॉग्स आदि संभव हो सके जो की वेब 1.0 में नहीं थे । आज हम इंटरनेट पर जो भी करते है वो सभी काम वेब 2.0 के द्वारा ही संपादित होते हैं।

लेकिन वर्तमान में वेब 2.0 भी अब काफी पुराना हो गया है बदलती तकनीक के साँथ अब वेब के भी नए रूप की जरूरत है इसी लिए वेब 3.0 के विकास की बात की जा रही है।

Advertisement

Web 3.0 क्या है What is Web 3.0 in Hindi

वेब 3 या वेब 3.0 वर्ल्ड वाइड वेब के एक नए पुनरावृत्ति के लिए एक विचार है जिसमें ब्लॉकचेन पर आधारित विकेंद्रीकरण (decentralization) शामिल है Web 3.0 का कॉन्सेप्ट इंटरनेट को डिसेंट्रलाइज करना है. ये ब्लॉकचेन पर आधारित होगा. क्रिप्टोकरेंसी भी ब्लॉकचेन पर आधारित होती है. इसकी बात सबसे पहले 2014 में एथेरियम के सह-संस्थापक गेविन वुड द्वारा की गई थी।

अगर सरल भाषा में समझे तो वर्तमान में इंटरनेट पर गूगल , मेटा जैसी बड़ी कंपनी का कब्जा है और किसी भी वेबसाईट का डाटा एक ही सर्वर पर स्टोर रहता है और ये कॉम्पनियाँ डाटा का उपयोग जैसे चाहे वैसे कर सकती हैं। लेकिन्न वेब 3.0 में इसका विकेन्द्रीकरण हो जाएगा जिसमें डाटा को अलग – अलग सर्वर में छोटे – छोटे रूप में स्टोर किया जाएगा , जो सुरक्षा की दृष्टि से काफी मजबूत होगा।

वेब 3.0 का विकास इंटेरननेट की कई कमियों को दूर करने के लिए ककिया जा रहा है जिससे इंटरनेट का इस्तेमाल और आसान होगा और हमारा डाटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा।

आपने क्रिप्टो करेंसी का नाम सुना होगा इसका कंट्रोल किसी एक के पास नहीं होता है बल्कि हर कंप्यूटर पर थोड़ा-थोड़ा होता है। इसी प्रकार वेब 3.0 भी काम करेगा जिसका कंट्रोल सिर्फ एक के पास नहीं रहेगा बल्कि सबके पास थोड़ा-थोड़ा रहेगा या यह भी कह सकते हैं की इसका पूरा कंट्रोल किसी के पास भी नहीं होगा।

फिलहाल वेब 3.0 के बारे में सभी कॉम्पनियों की एकराय नहीं है इसलिए ये नहीं कहा जा सकता है की वेब 3.0 कब तक आएगा, और इसमें इंटरनेट में क्या – क्या बदलाव होंगे,

हमें उम्मीद है इस पोस्ट से आपको वेब 3.0 के बारे में जानकारी मिल गई होगी और आप जान गए होंगे की Web 3.0 क्या है What is Web 3.0 in Hindi

Also read….

मनी लॉन्ड्रिंग क्या है – Money laundering in Hindi

Leave a Comment